भारतीय लोकतंत्र और एकता का प्रतीक

जयपुर कॉलम

जयपुर कॉलम राष्ट्रपति भवन, फोरकोर्ट के ऊपर 145 फुट की ऊंचाई पर है जो कि मुख्य द्वार से लगभग 555 फुट की दूरी पर है। सर एडविन लुट्येन्स द्वारा डिजायन किया गया और जयपुर के महाराजा माधो सिंह द्वारा प्रायोजित, जयपुर कॉलम राजधानी को दिल्ली स्थानांतरित करने संबंधी समारोह के लिए निर्मित किया गया था और यह ब्रिटिश साम्राज्य के प्रति जयपुर की निष्ठा का प्रतीक था।

सेंट्रल डोम

राष्ट्रपति भवन का केन्द्रीय गुंबद (सेंट्रल डोम) भवन की अत्यंत विशिष्ट खूबियों में से एक है। फोरकोर्ट से 55 मीटर ऊपर इसकी चोटी पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा है। सेंट्रल डोम भवन से दुगुना ऊंचा है। गुंबद की सीमा बनाते हुए छोटे-छोटे मंडपीय छत हैं जिन्हें छतरियां कहा जाता हैं और ये आधे गुंबद फव्वारों पर औंधे पड़ा हुआ है।

फोरकोर्ट

सर एडविन लुट्येन्स ने ‘द लाइफ ऑफ एडविन लुट्येन्स’ पुस्तक में कहा है, ‘‘वास्तुकार की सबसे अच्छी अभिव्यक्ति पत्थर में होती है। प्रत्येक अलग-अलग सामग्री उस अभिव्यक्ति को प्रभावित करती है।’’ एक दृष्टांतपूर्ण तर्क के अंतर्गत गुलाबी और क्रीम रंगों में दर्शनीय, वास्तुकला का आश्चर्य राष्ट्रपति भवन इस कथन का प्रमाण है।